ऋणी को धारा 7 के तहत नोटिस भेजा जाता है. पटना उच्च न्यायालय के अनुसार, वसूली वैध होने के लिए इस नोटिस की उचित तामील अनिवार्य है.
देनदार के बैंक खातों को फ्रीज करना।
जब कोई विभाग वसूली के लिए आवेदन करता है, तो सर्टिफिकेट ऑफिसर एक "सर्टिफिकेट" (नीलाम पत्र) तैयार कर उस पर हस्ताक्षर करता है, जो डिक्री के समान प्रभावी होता है।